एक आशियाना ऐसा बनाना है सूरज को कंदील, चाँद द्वार पर सजाना है प्रेम , त्याग , समर्पण के फूल खिलाने हैं बगिया में रोज़ नेह का पानी देते जाना है दीवारों पर तेरी - मेरी तस्वीर लगान...
चेहरों पर चेहरे सजाए हुए हैं सब ही मुखौटे लगाए हुए हैं होठों पे बैठे खामोशी के पहरे दिल में दर्द के सागर गहरे कर जाती त्रुटि मैं पढ़ने में उनको हो जाती कुंठित मेरी चेतना समय...
जो रफ़ाक़त की अहद हमसे किया करते हैं वक़्त बदले तो वही पल में दग़ा करते हैं उनसे नज़रों का मिलाना ,हया को खो देना कुछ गुनाह कितने हसीन हुआ करते हैं उन्हें महसूस किया तसव्वुर ...
ओस की बूँद हूँ मुझे कुछ पल जीने दो ना बाँधो बंधन में यूँ मुक्त ही रहने दो दूर से देखोगे तो मुझे हीरे की कनी सा पाओगे पास आओगे तो हाथ में लेने को मचल जाओगे ना करना स्पर्श मुझे अम...