प्रेम में अंधता

वो जो अनकहा था शायद
अब अनकहा ही रहेगा
वो जो पगली सी लड़की थी शायद
बुद्धु ही रहेगी
मन की असंख्य तहों के नीचे
कहीं छुपा है कोहरा सा
जो चाहत की ब्रेललिपि में लिखा है
जिसे पढ़ने के लिए
प्रेम में अंधा होना जरूरी है
#दुआ

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