चाँद

क्या उगता है चाँद तुम्हारे देश में भी
मैं छत पर आए चाँद पर चढ़कर 
झाँकती हूँ तुम्हारे देश में
छू लेती हूँ संवेदनाओं को 
हाथ पकड़ तुम्हारा

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