निस्तब्ध रात्रि

निस्तब्ध मौन रात्रि
ओढ़े सितारों की चुनरी
चाँद लौंग पहन
अश्रु के जुगनू सजाती है
भावों , अनुभावों को
अनाविल शब्द दे जाती है
#दुआ

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