अर्चना Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps December 14, 2024 काँच सा कच्चा मन हरा हो गया फागुनी फिर सफर हो गया ढोलकें , शंख , होरी , ऋचाएँ मन गीतों का घर हो गया हृदय स्पंदित , अप्रतिम प्रेमकल्पना में मिलन हो गया पूज्य हो तुम ,आराध्य हो तुम'अर्चना ' हर प्रहर हो गया .. #दुआ Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
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