जब प्यार ...

हर सूँ वही नज़र आता है जब प्यार किसी से होता है
आग सी लग जाती है सीने में जब प्यार किसी से होता है

कारज़ारे उलफ़्त में इक तमाशा सा होता रहता है
दिल अपना और फिक्र गैर की जब प्यार किसी से होता है

लाख छुपाओ ज़माने से मगर होता ये राज़ इफ़्शाँ
लब पे आ जाता है उनका नाम जब प्यार किसी से होता है

हुकूमते - इश्क कभी भी न होती आम इस जहाँ में
बयाँ कर देती है सब सूरत जब प्यार किसी से होता है

इस ज़ज़्ब - ए -उल्फ़त में बस यही फसाना है
खुद - ब - खुद दिल में आता है वो जब प्यार किसी से होता है
#दुआ

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