अभी ठीक से

अभी ठीक से कहाँ  देख पाई तुम्हें

अभी ठीक से कहां चीन्ह पाई तुम्हे                         तुम जो परत दर परत खुलते रहे
अभी ठीक से कहां समझ पाई तुम्हें
अंतर्मन की गुफा अंधेरी
उसमें ना चलती हेरा फेरी
कौन है अपना कौन पराया
मैं ना समझ पाई  यह माया
अभी ठीक से कहां छू पाई तुम्हें
अभी ठीक से कहां देख पाई तुम्हें

#दुआ

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