दिसम्बर की धूप

बड़ी है नशीली दिसम्बर की धूप
कुछ है लजीली दिसम्बर की धूप
तेरी छत से मेरी छत तक
छनकर छितराती दिसम्बर की धूप

छूना चाहूँ पर छू ना पाऊँ
बाँधू तो बाँध ना पाऊँ
चंदन सी महकती दिसम्बर की धूप
अधूरी कहानी दिसम्बर की धूप

#दुआ

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